सूचना
परिचय



महर्षि दयानन्द सरस्वती के सिद्धान्तों को मूर्तरुप देने के लिए आर्य समाज एक सदी से शिक्षा के क्षेत्र से जुडा है | इसमे भी स्त्री – शिक्षा को स्वस्थ एवं उन्न्त समाज की धुरी मानते हुए ब्यावर के आर्य समाज ने लगभग आठ दशक पूर्व एक उच्च प्राथमिक विद्यालय स्थापित किया | ब्यावर में नारी शिक्षा का सूत्रपात यही से हुआ |

सन् 1976 में आर्य समाज ने महाविद्यालयी शिक्षा के क्षेत्र में कदम रखे | सन् 1988-89 में यह महाविद्यालय महर्षि दयानन्द विश्वविद्यालय से सम्बद्ध हुआ और विश्वविद्यालय परीक्षा – केन्द्र भी बना | जनवरी 1996 से यह राज्य सरकार की अनुदान सूची में आ गया |

सत्र 2006-07 में महाविद्यालय को आयुक्तालय कालेज शिक्षा राजस्थान जयपुर द्वारा स्थायी अनापत्ति प्रमाण – पत्र जारी किया गया |

यह महाविद्यालय ब्यावर के मुख्य बाजार श्रद्धानन्द बाजार में अवस्थित है रेलवे स्टेशन एवं बस स्टेण्ड से इसकी अधिकतम दूरी लगभग डेढ किलोमीटर है नगर के बीचोंबीच विद्यमान इस महाविद्यालय में छात्राओ का आवागमन अत्यन्त सरल एवं पूर्णतः सुरक्षित है | महाविद्यालय भवन के पास ही गोदावरी आर्य कन्या वरिष्ठ उच्च माध्यमिक विद्यालय , आर्य समाज मन्दिर तथा आर्य व्यायामशाला स्थित है

शैक्षणिक वातावरण एवं छात्रा – व्याख्याता (प्राध्यापक) के आत्मीय सम्बन्ध इस महाविद्यालय की वह आन्तरिक विशेषता है , जिसके कारण अध्ययनरत छात्राएँ महाविद्यालय से जुडाव एवं लगाव अनुभव करती है | इस महाविद्यालय के परीक्षा परिणाम प्रायः उत्तम रहते है |

जीवन के सांस्कृतिक पक्ष को निखारने के लिए विशिष्ट गतिविधियाँ नियमित रुप से होती रहती है | विद्वानों के प्रवचन , प्रसार भाषण आदि बौद्धिक कार्यकलाप सत्रपर्यन्त चलते रहते है | छात्राएँ सभी गतिविधियो को आवश्यक समझकर इनमें रुचिपूर्वक सम्मिलित होती है |

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